सरकार के अड़ियल रवैये से परेशान, एनएचएम कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी — धरना स्थल पर पारंपरिक पोला पर्व का आयोजन और हाथ में महेंदी, लगाकर किया धरना प्रदर्शन,*

आर के देवांगन

सरकार के अड़ियल रवैये से परेशान, एनएचएम कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी — धरना स्थल पर पारंपरिक पोला पर्व का आयोजन और हाथ में महेंदी, लगाकर किया धरना प्रदर्शन,*

रायपुर,

*सरकार के अड़ियल रवैये से परेशान, एनएचएम कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी — धरना स्थल पर पारंपरिक पोला पर्व का आयोजन और हाथ में महेंदी, लगाकर किया धरना प्रदर्शन,*
तुता धरना स्थल में सरकार को जगाने सद्बुद्धि हवन यज्ञ किया गया,

भीगते बारिश में भी धरना स्थल में डटे रहें कर्मचारी,

*रायपुर:* छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा नियमितीकरण/सविलियन, ग्रेड पे, लंबित 27% वेतन वृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन आज भी जिला स्तर पर पूरे जोश के साथ जारी रहा।

सभी जिलों में धरना स्थल पर कर्मचारियों ने प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति को जीवंत रखते हुए पोला पर्व मनाया एवं महिला कर्मचारियों ने हाथ नियमितीकरण का महेंदी लगाकर सरकार को जगाने का प्रयास किया।  नंदी बैल, जाता, चुकिया की पूजा-अर्चना की गई और छत्तीसगढ़ी व्यंजन — ठेठरी-खुर्मी, भजिया बनाकर सामूहिक रुप से धरना स्थल में ही त्योहार मनाए । महिला कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।

प्रदेशभर में चल रहे इस आंदोलन में लगभग 16,000 एनएचएम से ज्यादा कर्मचारी शामिल हैं, सभी जिलों में धरना स्थल में उपस्थित रहकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

ज्ञात हो कि इन्हीं कर्मचारियों के भरोसे उप स्वास्थ्य केंद्र से लेकर मेडिकल कालेजों में शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं जैसे — संस्थागत प्रसव, पैथोलॉजी जाँच (खून, पेशाब, ट्रू-नाट, सीबीनाट), टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, मौसमी बीमारियों की पहचान, ओपीडी, नवजात शिशु देखभाल, आंगनबाड़ी स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण आहार वितरण एनसीडी स्क्रीनिंग , वृद्ध हेल्थ चेकअप बीपी शुगर टेस्ट सहित प्रकार के वार्ड संचालित होते हैं,आपातकालीन सेवाएं संचालित होती हैं। हड़ताल के चलते वर्तमान में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं। कई अस्पतालों में तालाबंदी जैसी स्थिति बन गई है, मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं और रात्रिकालीन प्रसव सेवाएं पूरी तरह बंद हैं। ग्रामीण क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित शहरी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई है, अस्पतालों में ताला लगा हुआ है

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस पहल नहीं की, तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य व्यवस्था और भी बदतर हो जाएगी।
आंदोलन को और उग्र किया जाएगा
कर्मचारियों का कहना है कि भाजपा के घोषणा पत्र और "मोदी की गारंटी" में स्पष्ट लिखा गया है कि एनएचएम संविदा कर्मचारियों का 100 दिनों में नियमितीकरण किया जाएगा। पिछले 20 महीनों में मुख्यमंत्री और मंत्रियों को 160 से अधिक बार ज्ञापन और निवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमित मिरी, कौशलेस तिवारी, डॉ रविशंकर दीक्षित,पूरन दास, हेमंत सिंहा,  ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।