आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के बेटों और बेटियां का शिक्षा का संस्कार हकीकत पढ़िए पूरी खबर में
प्रेमचंद
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के बेटों और बेटियां का शिक्षा का संस्कार हकीकत पढ़िए पूरी खबर में
छत्तीसगढ़ दुर्ग जिले समीपस्थ ग्राम चंदखुरी में दुनिया के लिए शिक्षा प्रद हकीकत सामने आयी है।
जहाँ एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मां के बेटे बेटियों की हकीकत इतने छोटे पद में रहकर अपने बेटे बेटियों को पढ़ा कर इतना काबिल बना दिया।
यह पूरे परिवार के संस्कारों को दर्शाता है वही बेटी मोनिका साहू अंतरराष्ट्रीय तलवार बाजी कि खिलाड़ी है वही एक बेटा सशस्त्र सुरक्षा बल में ट्रेनिंग कर जब लौटा गांव तो रेलवे स्टेशन से घर तक भव्य स्वागत के लिए भीड़ उमड़े
वही वेदप्रकाश साहू (सन्नी) चरण स्पर्श कर गले लगते ही दोनों का खुशियों भरे नयन डबडबा गया
पिता स्व. संतोष साहू के निधन के बाद परिवार की बागडोर श्रीमति गजेश्वरी साहू थामी व बेटी बेटों में फर्क न समझते हुए सबको पढ़ाया एवं संस्कार कूट कूट के भर दिया
फल स्वरूप बच्चों का संस्कार आज जमीनी स्तर से उठकर संस्कारिक गतिविधियों में प्रयुक्त हुए ऐसे मां को गांव नई पुरी दुनिया सलाम करती है।
उपरोक्त स्वागत के जन सैलाब में नागेश साहू (दाऊ),मनीषा,जीवधन, केशांत, नयन, भेष,रामेश्वर, तुषार,वैभव,ललित एवं ग्रामीण सहित आसपास के लोग शामिल हुए।