*कोर्ट के आदेश के बाद मध्यान भोजन कर्मचारियों की बढ़ेगी मासिक आय*

*कोर्ट के आदेश के बाद मध्यान भोजन कर्मचारियों की बढ़ेगी मासिक आय*

पूर्व जिला पंचायत सदस्य खगेश के मार्गदर्शन में लगाई गई थी 23 याचिका

मोहला 

ज्ञात रहे समान काम, समान भुगतान, के आधार को सामने रख जिला मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी, जिला : खैरागढ़ छुईखदान-गंडई व जिला कोंडागांव के स्कूलों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले रसोईयों द्वारा आदिवासी नेत्री पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना मंडल राजनांदगाँव की खगेश ठाकुर के मार्गदर्शन में हाईकोर्ट में कुल 23 याचिकाएँ लगाई गई थी। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब सभी याचिकाकर्ता रसोइयों को भी इस आदेश का लाभ मिलेगा ।

रसोईया चैतराम मरकाम के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला

मध्याह्न भोजन रसोईया को अब प्रतिमाह मिलेगा 9180 रूपए वेतन

अम्बागढ़ चौकी। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में चैतराम सरकाम पिता-नंदीराम मरकाम, आयु लगभग 38 वर्ष शासकीय प्राथमिक शाला केराडीह, विकासखंड बड़े राजपुर, जिला-कोंडागांव में मध्याह्न भोजन कार्य में रसोईया के पद पर लंबे अंतराल से कार्यरत हैं। प्रति दिन सात आठ घंटे कार्य करने के बावजूद उन्हें प्रतिदिन मात्र 40 रुपए अर्थात 1200 रुपए मासिक वेतन मिल रहा था। अनेकों बार जिला शिक्षा अधिकारी से उनके द्वारा निवेदन किया गया कि, इतनी कम तनख्वाह में परिवार का भरण पोषण मुश्किल है इसलिए मेरी पगार बढ़ाई जाए। लेकिन उनकी बातों को नजरंदाज कर दिया गया। तो चैतराम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उक्त याचिका पर हाईकोर्ट ने 7/1/2022 को चैतराम के पक्ष में आदेश जारी किया। और छत्तीसगढ़ शासन को बार-बार अभ्यावेदन देने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई अपेक्षित कार्यवाही चैतराम के पक्ष में नहीं की गई। फिर चैतराम ने हाईकोर्ट में पुनः रिट याचिका दाखिल किया। उक्त रिट याचिका पर चैतराम मरकाम की ओर से एन. के. मालवीय (अधिवक्ता) तथा प्रतिवादी क्रमांक 1 की ओर से सुश्री दीक्षा पांडे, केंद्रीय सरकारी अधिवक्ता,रमाकांत मिश्रा, उप सॉलिसिटर जनरल की ओर से और प्रतिवादी क्रमांक 2 से 6 की ओर से दशस्थ प्रजापति पैनल वकील थे। याचिकाकर्ता रसोईया चैतराम मरकाम के वकील एन. के. मालवीय की जिरह को माननीय न्यायाधीश अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने सुना। जिसमें विद्वान वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता रसोईया, जिला-कोंडागांव के प्राथमिक शाला केराडीह, विकास खंड बड़े राजपुर में में मिड-डे मील योजना के अंतर्गत काफी समय से रसोईया (कुक) का कार्य निरंतर कर रहा है और प्रतिवादी नंबर 2 के प्रशासनिक नियंत्रण में है याचिकाकर्ता रसोईया चैतराम मरकाम पूरी ईमानदारी से नियमित रूप से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा है तथा संबंधित स्कूल के हेडमास्टर द्वारा प्रासंगिक विवरण के साथ प्रमाणपत्र भी जारी किया गया है। प्रतिदिन सात आठ घंटे लगातार कार्य करने के बावजूद प्रतिवादी अर्थात सरकारी प्राइमरी स्कूल प्रबंधन द्वारा उसे मात्र 40 रुपए या 1200 सौ रुपए प्रति माह भुगतान किया जा रहा है तथा राज्य सरकार द्वारा जोन सी के लिए अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें अकुशल मजदूर भी संबंधित अवधि के दौरान 306 रूपए या कम से कम 260 रूपए बिना मंहगाई भत्ते के मजदूरी का हकदार है। याचिकाकर्ता रसोईया के विद्वान वकील श्री एन. के. मालवीय ने कहा कि, याचिकाकर्ता द्वारा किया गया कार्य एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम अर्थात मिड-डे मील योजना का एक अभिन्न हिस्सा है और इसके लिए हर दिन कई घंटों तक काम करने के लिए लगातार शारीरिक श्रम की आवश्यकता होती है लेकिन प्रतिवादियों ने मनमाने ढंग से याचिकाकर्ता के दावे को इस आधार पर खारिज कर दिया कि, मिड-डे मील तैयार करने में केवल डेढ़ घंटा लगता है, जो पूरी तरह से अव्यवहारिक है और जमीनी हकीकत के विपरीत है। याचिकाकर्ता के विद्वान वकील के तथ्यपूर्ण तर्कों को गंभीरता से लेते हुए माननीय न्यायाधीश ने प्रतिवादियों को निर्देश दिया कि, वे याचिकाकर्ता के मामले में पुनर्विचार करें और उसे उसके द्वारा किए गए कार्य की कुशलता के हिसाब से उचित और वाजिब मानदेय /वेतन दें। याचिकाकर्ता को ऐसा मेहनताना मिले, जिससे वह सम्मान के साथ जीवन जीते हुए अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा कर सके।

हाईकोर्ट ने फिर से दिया फैसला

उक्त प्रकरण में पूरी सुनवाई पश्चात् न्यायाधीश द्वारा 19-12-2025 को आदेश सुरक्षित किया गया और 15/1/2026 को मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना में कार्यरत रसोईया चैतराम मरकाम को संबंधित अवधि के दौरान मंहगाई भत्ता सहित 306.67/- रूपए या कम से कम बिना मंहगाई भत्ता के 260/- रूपए प्रतिदिन का वेतन देय होगा।

इस प्रकार रसोईया चैतराम मरकाम को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जीत मिली और अब उन्हें उच्च न्यायालय के आदेशानुसार प्रति दिन 306.67 / रूपए मंहगाई भत्ता सहित या बिना मंहगाई भत्ता के 260/ रूपए पारिश्रमिक मिलेगा।