*ग्राम डुडेरा में तालाब किनारे शिवलिंग एवं नंदी स्थापना का कार्यक्रम हुआ संपन्न, 22 में 23 को होगा रामायण*
*गौरी गौरा मित्र मंडल द्वारा ग्राम डुंडेरा में महिला घाट के समीप शिवलिंग एवं नंदी की विधिवत स्थापना*
*आगामी 22 एवं 23 जनवरी को दो दिवसीय रामायण आयोजन*
मोहला
ग्राम डुंडेरा में धार्मिक आस्था, संस्कृति एवं परंपरा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक भव्य एवं पुण्यदायी आयोजन संपन्न हुआ। गौरी गौरा मित्र मंडल, ग्राम डुंडेरा के तत्वावधान में महिला घाट के समीप भगवान शिव के पवित्र शिवलिंग एवं नंदी महाराज की विधिवत स्थापना श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ सम्पन्न कराई गई।
यह पावन पूजा-अर्चना पंडित त्रिभुवन पांडे जी के वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुई। मंत्रोच्चार, अभिषेक एवं पूजन के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं श्रद्धालुजन उपस्थित रहे और भगवान शिव से ग्राम की सुख-शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

गौरतलब है कि ग्राम डुंडेरा वर्षों से ही धार्मिक, सांस्कृतिक एवं कला के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। यहां निरंतर धार्मिक अनुष्ठान, रामायण, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होते रहा है, जिससे ग्राम की धार्मिक परंपराएं जीवंत बनी हुई हैं।
गौरी गौरा मित्र मंडल के सदस्यों ने अपनी समिति के सहयोग एवं सामूहिक प्रयास से इस शिव मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण कराया है। समिति के सदस्यों ने बताया कि यह मंदिर ग्रामवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा।
इसी क्रम में समिति द्वारा राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर दिनांक 22 एवं 23 जनवरी को दो दिवसीय रामायण पाठ एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। समिति ने ग्राम एवं आसपास के क्षेत्रों के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

इस आयोजन में गौरी गौरा मित्र मंडल के अध्यक्ष टोमन कोसमा, उपाध्यक्ष डमेश कौशिक, सचिव रूपराम पिस्दा सहित सदस्यगण शिव यादव, तुकाराम गंगासागर, मनीष मिश्रा, संजू मिश्रा, परमेश चंद्रवंशी, सुशील नेताम, गणेश कंवर, मुकेश निर्मल, गुलशन मिश्रा एवं नारायण औरैया की सक्रिय भूमिका रही।
कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया तथा ग्रामवासियों ने समिति के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।