छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में बालोद जिले का परिणाम गिरा

प्रेमचंद

छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में बालोद जिले का परिणाम गिरा

छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में बालोद जिले का परिणाम गिरा

राज्य शासन ने लिया संज्ञान, कलेक्टर को शिक्षा विभाग के सचिव ने दिए कार्यवाही के निर्देश

कलेक्टर ने शिक्षा सचिव की सहमति के बाद डीईओ को दिया आदेश, इसलिए हुई 22 प्राचार्यों कार्यवाही

बालोद।

छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद बालोद जिला सुर्खियों में रहा है 14 साल बाद पहली दफा ऐसा हुआ कि बालोद जिले से एक भी छात्र छत्तीसगढ़ बोर्ड की ना तो दसवीं में टॉप टेन की सूची में आए हैं और ना ही 12वीं में। यही नहीं बल्कि बालोद जिला पुर छत्तीसगढ़ भर में बालोद जिले का परिणाम आखिरी से गिनती करने पर चौथे और पांचवें नंबर पर रहा। बालोद जिले के शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा को लेकर छत्तीसगढ़ शासन में मामले को संज्ञान में लिया था और शिक्षा विभाग के सचिव ने बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा को समीक्षा कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। यही वजह है कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कलेक्टर ने स्कूली शिक्षा विभाग के सचिव की सहमति के बाद कड़े तेवर दिखाते हुए आठ प्राचार्य को निलंबित करते हुए 14 प्राचार्य की वेतन वृद्धि रोक दी है। 

कलेक्टर के कार्यवाही की खूब सराहना

बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने बड़े तेवर दिखाते हुए जिस तरह से सरकारी स्कूल के 22 प्राचार्य पर कड़ी कार्यवाही की है इसकी चर्चा पूरे जिले सहित छत्तीसगढ़ भर में खूब हो रही है। इसके अलावा कलेक्टर द्वारा की गई इस कार्यवाही की लोगों में जमकर सराहना की जा रही है। क्योंकि इस तरह की कार्यवाही से शिक्षकों में कार्यवाही का भय बना रहेगा और छात्रों को शिक्षा उपलब्ध कराने में किसी तरह की कोताही नहीं करेंगे।

बारहवीं में 30वें तो दसवीं में 29वें नंबर पर बालोद जिला

विदित हो कि बारहवीं में प्रदेशभर में 30वें नंबर पर बालोद जिला रहा है वहीं दसवीं में छत्तीसगढ़ में बालोद जिले का स्थान 29वें नंबर पर रहा है। इस बार बारहवीं परीक्षा में 8745 छात्र बालोद जिले से शामिल हुए थे जिसमें से 1941 छात्र अनुत्तीर्ण हुए थे। इसके अलावा दसवीं में 10414 छात्र शामिल हुए थे जिसमें 3547 छात्र फेल हुए थे।

शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर कलेक्टर की पैनी नजर 

बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि बालोद जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार उनके द्वारा शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मीटिंग लेकर समीक्षा की जा रही है। इस बार बोर्ड परीक्षा में जिस तरह से परिणाम सामने आया है वह बेहद चिंता जनक है। शिक्षा व्यवस्था सुधारने को लेकर प्राइवेट स्कूलों को भी नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव के निर्देश के बाद आठ शासकीय स्कूल के प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया है और 14 प्राचार्य की वेतन वृद्धि रोकी गई है।

पिछली बार की तुलना में परिणाम में काफी अंतर इसलिए हुई कार्यवाही

बालोद कलेक्टर ने बालोद जिले के उन शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों को कार्यवाही में शामिल किया है जहां पिछले साल के दसवीं बारहवीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम की तुलना में इस साल का परीक्षा परिणाम में काफी अंतर रहा। जिसमें पी.एम.श्री सेजेस डी.लोहारा में बारहवीं में 35.07% और दसवीं में 29.05% में कमी के कारण प्राचार्य दिलीप देवहरे, शास.हाईस्कूल सोहपुर दसवीं में 40.00% में कमी आने के कारण प्राचार्य बालसिंह मांडवी, शास. हाई स्कूल मोंगरी दसवीं में 30.00% कमी आने के कारण लूमन सिंह साहु, शास. हाई स्कूल देवरी में दसवीं में 34.11% कमी आने के कारण प्राचार्य निशा मुन, शा.उ.मा.वि. खरथुली बारहवीं में 39.25% और दसवीं में 6.30% कमी आने के कारण प्राचार्य घनाराम देशमुख, शास.उ.मा.वि.नाहदा बारहवीं में 3.19% और दसवीं में 41.23% कमी आने के कारण सरोज साहू, पी.एम.श्री. सेजेस डौण्डी बारहवीं में 4.16% और दसवीं में 47.17% कमी आने के कारण प्राचार्य ज्योति मेश्राम और शास.उच्च.माध्य.वि. भिरई बारहवीं में 1.57% और दसवीं में 42.31% कमी आने के कारण पुरुषोत्तम कुमार साहू को निलंबित किया गया है।

14 प्राचार्य का रुका वेतन वृद्धि 

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़ा एक्शन लेते हुए 14प्राचार्य का वेतन वृद्धि रोक दिया है क्योंकि उन सभी स्कूलों का परीक्षा परिणाम भी पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बेहद कम रहा है। इस कार्यवाही में शास. सेजेस लाटाबोड़ जहां बारहवीं में 7.61% और दसवीं में 20.19% की कमी आई जिसके चलते प्राचार्य फत्ते राम केसरिया की वेतन वृद्धि रोकी गई है। इसी तरह शास. हायर सेकेण्डरी भे.नवागांव बारहवीं में 11.33% और दसवीं में 35.09% की कमी के चलते प्राचार्य परदेशी राम सिन्हा, सेजेस अछोली बारहवीं में 4.20% और दसवीं में 36.09% कमी के कारण रामजी लाल ताराम, शास. उमावि भैसबोड़ बारहवीं में 2.13% और दसवीं में 24.06% कमी के कारण राम सेवक रायपुरामहा, शास. उमावि गुजरा बारहवीं में 23.34% और दसवीं में 14.36% की कमी के कारण लीना थॉमस, सेजेस नयाबाजार में बारहवीं में 7.34% और दसवीं में 22.06% कमी के कारण महेश कुमार गोरे, शास. हाई स्कूल मंगलतरई दसवीं में 35.42% कमी के कारण गुलशन कुमार बेसेकर, सेजेस बोहारा बारहवीं में 37.90% और दसवीं में 10.18% कमी के कारण प्राचार्य नरेंद्र कुमार भारद्वाज, शास.हाईस्कूल बागतराई दसवीं में 33.33% कमी के कारण प्राचार्य हलाल कोर रात्रे, शास.उच्च.माध्य.वि. बालक गुरूर बारहवीं में 22.07% और दसवीं में 25.60% कमी के कारण प्राचार्य तपेश गौतम, शास. उ. मा. शाला झीतराई बारहवीं में 21.94% और दसवीं में 11.00% की कमी के कारण प्राचार्य श्रीदेवी प्रमोद, शास. उ. मा. शाला कुण्डेरा बारहवीं में 1.39% और दसवीं में 20.56% की कमी के कारण प्राचार्य शिव कुमार साहू, शास. उ. मा. शाला चंदनबिरही बारहवीं में 2.66% और दसवीं में 33.95% की कमी के कारण प्राचार्य आर श्री लता और शास. उ. मा. शाला मोहदीपाट बारहवीं में 18.50% और दसवीं में 28.28% की कमी के कारण प्राचार्य बिमला एक्का की वेतन वृद्धि रोकी गई है। यानी कुल मिलाकर जिले के ऐसे सरकारी स्कूलों को कार्यवाही में शामिल किया गया है जहां का परीक्षा परिणाम लगातार गिरता चला आ रहा है। इस कार्यवाही से सभी शासकीय स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्य को कड़ी सबक मिलेगी कि स्कूल में हो रही पढ़ाई को बेहतर तरीके से क्रियान्वित किया जा सके और किसी भी तरह की ढील न हो।