*मोहला बस स्टैंड में मारपीट व मृत्यु मामले में 6 आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल*

*मोहला बस स्टैंड में मारपीट व मृत्यु मामले में 6 आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल*

*आरोपियों द्वारा बेल्ट, लात-घूंसे से की गई बेरहमी से मारपीट।*

*उपचार के दौरान ड्राइवर की मौत, हत्या का मामला दर्ज।*

मोहला

दिनांक 20/03/2026 की रात्रि लगभग 08:30 बजे बस स्टैंड मोहला में इसराईल खान एवं सोमेश रावटे बस के सामने खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। उसी समय भारत ट्रैवल्स का ड्राइवर कमलेश भुआर्य वहां उपस्थित था। ड्राइवर द्वारा दोनों को बस के सामने से हटने के लिए कहा गया, जिस पर गाली-गलौज एवं विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके बाद इसराईल खान एवं उसके साथियों द्वारा ड्राइवर के साथ मारपीट की गई। इसके पश्चात इसराईल खान ने अपने मोबाइल से अपने साथियों सोनू, प्रवीण एवं कमलेश घावड़े को मौके पर बुलाया, जहां चारों आरोपियों द्वारा मिलकर ड्राइवर कमलेश भुआर्य के साथ पुनः मारपीट की गई। करीब एक से डेढ़ घंटे बाद आरोपी पुनः वापस आए और ड्राइवर को बाजार चौक मोहला ले जाकर जान से मारने की नियत से हाथ, मुक्का, लात एवं बेल्ट से गंभीर रूप से मारपीट की गई। इसके बाद घायल अवस्था में उसे बस स्टैंड मोहला छोड़ दिया गया।

दिनांक 21/03/2026 को सुबह लगभग 06:15 बजे ड्राइवर अपनी बस से राजनांदगांव के लिए निकला, लेकिन रास्ते में तबीयत खराब होने पर उसे सीएचसी चौकी में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर द्वारा उसे मेडिसिटी अस्पताल राजनांदगांव रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान दिनांक 25/03/2026 को उसकी मृत्यु हो गई।

मृत्यु उपरांत थाना बसंतपुर, राजनांदगांव द्वारा शव पंचनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्यवाही कर डायरी प्राप्त होने पर थाना मोहला में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान आरोपियों इसराईल खान, हितेश्वर राजपूत, प्रवीण यादव, भूषण सिंह राजपूत उर्फ टिटिट, कमलेश घावड़े एवं खोमेश रावटे द्वारा मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने से मृत्यु होना पाए जाने पर अपराध धारा 191(2), 296, 351(2), 115(2), 103(1) बीएनएस एवं 3(2)(ट) एट्रोसिटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय.पी. सिंह (भा.पु.से.), एसडीओपी ताजेश्वर दीवान के निर्देशन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल देव चंद्रा के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपियों की तलाश की गई।

मुखबिर की सूचना पर सभी आरोपियों को उनके निवास स्थान से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार किया। तत्पश्चात दिनांक 27/03/2026 को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

इस कार्यवाही में

उपनिरीक्षक नवल साव, सहायक उपनिरीक्षक ताज खान, सहायक उपनिरीक्षक पूर्णानंद मसीहा, प्रधान आरक्षक जयलाल भास्कर, प्रधान आरक्षक ओंकार सिंह, आरक्षक गिरीश कोमा, अनमोल वैष्णव, वीरेंद्र रजक एवं साइबर टीम का विशेष योगदान रहा।