*आइटीबीपी द्वारा छात्रों को भोपाल शैक्षणिक भ्रमण हेतु किया रवाना*

*आइटीबीपी द्वारा छात्रों को भोपाल शैक्षणिक भ्रमण हेतु किया रवाना*

आईटीबीपी ने स्थानीय युवाओं के दल को हरी झंडी दिखाकर भोपाल (मध्य प्रदेश) के लिए रवाना किया।

औंधी//मानपुर//

27वीं बटालियन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अपने अभियान क्षेत्र के सुदूर गाँवों से 10 युवाओं को दिनांक-12.01.2026 को एक शैक्षिक भ्रमण हेतु भोपाल (मध्य प्रदेश) के लिए रवाना किया। इस दल में 05 युवक और 05 युवतियाँ शामिल हैं। वर्ष 2022-23 से अभी तक 14वें 15वें एवं 16वें आदिवासी युवा विनिमय कार्यक्रम सह शैक्षिक एवं जागरूकता भ्रमण कार्यक्रम के तहत 27वीं वाहिनी के द्वारा 155 बालक एवं 156 बालिकाओं कुल 311 युवाओं को देश के विभिन्न र्तीथ स्थलों औद्योगिक नगरों एवं महानगरों का सफलता पूर्वक शैक्षणिक भ्रमण सम्पन्न करवाया गया।

17वें आदिवासी युवा विनिमय कार्यक्रम सह शैक्षिक एवं जागरुकता भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय मुख्यालय आईटीबीपी राजनांदगाँव के सहयोग से एवं नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) राजनांदगाँव के तत्वावधान में भोपाल (मध्य प्रदेश) हेतु किया जा रहा है। कार्यक्रम के सातवें चरण में 10 युवाओं को वाहिनी द्वारा दिनॉक-12.01.25 से दिनॉक-19-01.26 तक 07 दिनों के भ्रमण हेतु भोपाल (मध्य प्रदेश) भेजा गया है, जो 20 जनवरी को वापस मानपुर लौटेगा, जिसमें मुंजाल, निडेली, पालेभट्टी, मदनवाड़ा, एंव मेधाखुर्द गाँवों के युवा शामिल हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी युवा इस भ्रमण के लिए काफी उत्साहित दिखे ।

 बुद्धि प्रकाश बडाया, सेनानी 27वीं वाहिनी ने मानपुर से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । मानपुर में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में सेनानी 27वीं वाहिनी ने कहा कि भोपाल (मध्य प्रदेश) जैसे बड़े शहरों में अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित बृहत आयोजनों का उ‌द्देश्य विविधता में एकता को दर्शाता है, तथा इलाके की युवा पीढ़ी को भविष्य हेतु प्रेरणा प्रदान करने हेतु प्रोत्साहन भ्रमण का मौका प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि दल में शामिल सभी युवा छत्तीसगढ़ के ब्रैण्ड अम्बेसेडर के रूप में राज्य का प्रतिनिधित्व करने जो रहे हैं जो ज़िले के लिए गौरव का विषय है।

देश के सबसे ज्यादा वामपन्थ उग्रवाद से प्रभावित जिलों में शुमार मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी के दूरस्थ गाँवों से इन भ्रमण आयोजनों के माध्यम से स्थानीय आदिवासी युवाओं को देश के अन्य हिस्सों की संस्कृतियों, लोकाचार और अन्य विकास के पहलुओं की जानकारी दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है।