*तहसीलदार के आदेश के बाद जिला मुख्यालय मोहला में अवैध प्लाटिंग, एवं उनकी रजिस्ट्री पर लगा विराम*

*तहसीलदार के आदेश के बाद जिला मुख्यालय मोहला में अवैध प्लाटिंग, एवं उनकी रजिस्ट्री पर लगा विराम*

*अवैधपटिंग को लेकर जिला मुख्यालय मोहला के तहसील कर्यालय ने  की कारवाही*

मोहला, /08 नवंबर 2026*

जिला मोहला मानपुर अंबागढ़चकी में जमीन के कारोबार में नियमों को ताक पर रखकर प्लॉटिंग करने वालों पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के मुख्यालय मोहला और समीप ही स्थित ग्राम चिलमटोला में कथित अवैध प्लॉटिंग का मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग ने बड़ी प्रशासनिक पहल की है। तहसीलदार मोहला अनुरिमा टोप्पो ने संबंधित भूमि के खसरा नंबरों और उनके छोटे-छोटे टुकड़ों की सूची उप पंजीयक को भेजते हुए आवश्यक अनुमति के अभाव में उनकी खरीदी-बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक लगाने की कार्रवाई की है।

इस प्रशासनिक कदम के बाद जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल तेज हो गई है। कथित तौर पर खास बात यह है कि जिस क्षेत्र में जिला गठन के बाद से अब तक लगभग 600 से अधिक जमीनों की रजिस्ट्री होने की जानकारी सामने आ रही है, वहां अब जमीन के कारोबार की वैधानिकता और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बिना अनुमति प्लॉटिंग, राजस्व विभाग ने पकड़ा मामला

प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को तहसीलदार मोहला द्वारा उप पंजीयक को पत्र जारी किया गया। इसमें हल्का पटवारी क्रमांक-10 के माध्यम से ग्राम मोहला एवं चिलमटोला में अवैध प्लॉटिंग कर भूमि विक्रय किए जाने की जानकारी प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख है।

पत्र के साथ संलग्न सूची में संबंधित खसरा नंबरों और उनके छोटे-छोटे भूखंडों का विवरण दिया गया है। तहसीलदार ने उल्लेख किया है कि इन जमीनों की प्लॉटिंग और खरीदी-बिक्री के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग तथा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) की आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त किए जाने संबंधी स्थिति सामने नहीं आई है।

इसी आधार पर उप पंजीयक से अनुरोध किया गया है कि सक्षम अधिकारियों की आवश्यक स्वीकृति के बिना संबंधित जमीनों की रजिस्ट्री एवं खरीदी-बिक्री नहीं की जाए।

600 से अधिक रजिस्ट्री, अब नियमों की कसौटी पर जमीन का कारोबार!

मोहला क्षेत्र में जमीन के कारोबार का विस्तार तेजी से हुआ है। जानकारी के अनुसार, जिला गठन के बाद से संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगभग 600 से अधिक रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। ऐसे में यह कार्रवाई केवल कुछ खसरों तक सीमित मामला नहीं, बल्कि क्षेत्र में अब तक हुए जमीन के कारोबार की वैधानिक प्रक्रिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है।

पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में नियमों की कसावट, राजस्व विभाग की पहल

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है। ऐसे क्षेत्र में भूमि संबंधी नियमों और वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन विशेष महत्व रखता है। ऐसे में राजस्व कार्यालय द्वारा अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध की गई यह पहल भूमि कारोबार में नियमों की कसावट लाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रशासनिक पत्र में यह आशंका भी जताई गई है कि नियमों के विपरीत जमीनों की खरीदी-बिक्री से शासन को राजस्व की हानि हो सकती है तथा भविष्य में जमीन खरीदने वाले नागरिकों को कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

उप पंजीयक ने दस्तावेज लेखकों को भी जारी किया निर्देश

तहसीलदार के पत्र के बाद उप पंजीयक कार्यालय ने भी संबंधित जमीनों की खरीदी-बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक संबंधी निर्देश मोहला तहसील के समस्त दस्तावेज लेखकों को जारी किया है। निर्देशों का पालन नहीं करने की स्थिति में दस्तावेज लेखकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल... क्या होगी आगे की कार्रवाई?

इस पूरे मामले में अब कई सवाल सामने हैं। क्या संबंधित जमीनों की प्लॉटिंग करने वालों ने आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की थीं? क्या पूर्व में हो चुकी रजिस्ट्रियों की भी जांच होगी? क्या अवैध प्लॉटिंग के जरिए भूखंड खरीदने वाले नागरिकों को राहत मिलेगी? और क्या प्रशासन पूरे क्षेत्र में जमीन के कारोबार की व्यापक जांच करेगा?

फिलहाल तहसीलदार की पहल और उप पंजीयक के निर्देश ने मोहला एवं चिलमटोला में जमीन के कारोबार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस कार्रवाई को केवल रजिस्ट्री रोकने तक सीमित रखता है या अवैध प्लॉटिंग के पूरे नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर आगे भी ठोस कार्रवाई करता है।