मानवता, तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय: पुलिस ने गुमशुदा बसंती निषाद को सुरक्षित घर पहुंचाया!*

प्रेमचंद

मानवता, तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय: पुलिस ने गुमशुदा बसंती निषाद को सुरक्षित घर पहुंचाया!*

*थाना बचेली, जिला दंतेवाड़ा!*

*मानवता, तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय: पुलिस ने गुमशुदा बसंती निषाद को सुरक्षित घर पहुंचाया!*

 पुलिस केवल कानून व्यवस्था संभालने वाली विभाग नहीं, बल्कि संवेदनाओं की सच्ची प्रहरी भी है। इसका प्रेरक उदाहरण तब सामने आया जब बचेली पुलिस ने मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं गुमशुदा युवती बसंती निषाद को न सिर्फ उपचार दिलाया, बल्कि सुरक्षित उसके गृह ग्राम पहुंचाकर परिजनों को सुपुर्द किया।दिनांक 18-02-2026 को पेट्रोलिंग के दौरान सहायक उप निरीक्षक गोवर्धन निर्मलकर को लेबर हाटमेंट क्षेत्र में एक युवती तेज बुखार और असहाय स्थिति में मिली। तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया गया। युवती मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अपना पता बताने में असमर्थ थी।थाना प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद कुमार साहू के निर्देशन में पुलिस टीम ने स्थानीय बाजार, सरहदी थानों, अन्य जिलों और सोशल मीडिया के माध्यम से पहचान की कोशिशें तेज कीं। प्रयास सफल रहा और युवती की पहचान नानगुर , जगदलपुर निवासी बसंती निषाद के रूप में हुई।

परिजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बचेली नहीं आ सके। ऐसे में बचेली पुलिस ने मानवीय पहल करते हुए एनएमडीसी बचेली के अधिकारी सौरभ कुमार के सहयोग से वाहन की व्यवस्था की और स्वयं युवती को उसके घर पहुंचाकर माता-पिता को सकुशल सौंप दिया।

इस कार्य में निरीक्षक प्रहलाद कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक गोवर्धन निर्मलकर, ज्योति बंजारे, महिला प्रधान आरक्षक संतोषी ध्रुव, महिला आरक्षक उषा सिंह, मीनाक्षी ध्रुव एवं जया पॉल की सराहनीय भूमिका रही।

बचेली पुलिस की यह पहल न केवल कर्तव्यनिष्ठा, बल्कि संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण है—जिसने आमजन का विश्वास और सम्मान दोनों ही मजबूत किए हैं।