*18 गांव के ग्रामीण सामूहिक वन पट्टा की शिकायत लेकर पहुंचे कलेक्टर जनदर्शन में*
वन अधिकार पत्र वितरण व ग्राम सभा के अधिकारों की मांग को लेकर 18 गांवों के ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे
मोहला ,
सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र (CFRR) के वितरण एवं ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण की मांग को लेकर आज मंगलवार को जिले के 18 गांवों के ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी जिले के 22 गांवों में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र के प्रस्ताव को जिला स्तरीय समिति (DLC) द्वारा 18 नवंबर 2024 को अनुमोदन मिल चुका है, इसके बावजूद अब तक पत्रकों का वितरण नहीं किया गया है।
पूर्व में सांसद संतोष पाण्डेय के माध्यम से प्रशासन ने पत्रक वितरण करवाया और फोटो खिंचवाने के बाद त्रुटि सुधार हेतु पत्रक वापिस ले लिया गया आज पर्यन्त तक नहीं दी गई। जिससे सरकार बदनाम हो रही है। ग्रामीणों ने भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण पत्र का हवाला देते हुए कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत CFR क्षेत्र का संपूर्ण अधिकार ग्राम सभा को प्राप्त है। किसी भी वन क्षेत्र में वन विकास निगम या अन्य विभाग ग्राम सभा की अनुमति के बिना कार्य नहीं कर सकते।
आवेदन में यह भी स्पष्ट किया गया कि शासन द्वारा SLC से अनुमोदन के बाद तत्काल अधिकार पत्र वितरण की बात कही गई थी। ग्रामीणों ने मांग की है कि 26 जनवरी 2026 के पूर्व सभी पात्र ग्राम सभाओं को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र प्रदान किए जाएं।
रमेश हिंडामे ने बताया कि लंबे समय से अधिकार पत्रक कि लडाई चल रही है, उन्होंने बताया कि कलेक्टर से मुलाकात कर बात रखी गई उन्होंने फरवरी प्रथम सप्ताह तक का समय मांगा है और बताया कि मीटिंग कर आगे की कार्यवाही जल्द की जाएगी। हिड़ामे ने चेतावनी देते हुए कहा कि है कि यदि तय समय-सीमा तक अधिकार पत्र वितरित नहीं किए गए तो जिले की 18 से अधिक ग्राम सभाएं अनिश्चितकालीन आंदोलन, धरना एवं विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से शीघ्र हस्तक्षेप कर वन आश्रित समुदायों को उनका कानूनी व संवैधानिक अधिकार दिलाने की मांग की।