नाबालिक के साथ दुष्कर्म के आरोपी को मिली 20 वर्ष की सजा!*
प्रेमचंद
छत्तीसगढ़ . दंतेवाड़ा
*नाबालिक के साथ दुष्कर्म के आरोपी को मिली 20 वर्ष की सजा!*
* बचेली पुलिस द्वारा नाबालिक बालिका को बहला फूसलाकर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को भेजा गया था जेल एवं प्रकरण की विवेचना उपरांत चार्जशीट मान. न्यायालय में पेश किया गया था।*
* माननीय फास्ट ट्रेक कोर्ट के द्वारा नाबालिक बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं दो हजार रूपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।*
प्रार्थी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी नाबालिक बेटी उम्र 16 वर्ष 02 माह जो दिनांक 06.02.2024 के सुबह करीबन 07.30 बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी *आरोपी- दल सिंह राजपूत निवासी ग्राम बिमफलिया पोष्ट-जिला झाबुआ (मध्यप्रदेश)* व्यक्ति द्वारा बहला फुसलाकर ले गया था जिस पर थाना बचेली में अपराध क्रमांक-07/2024 धारा-363 भादवि. कायम कर तत्काल पुलिस अधीक्षक महोदय दंतेवाड़ा गौरव राय के दिशा-निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन दंतेवाड़ा एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन में आरोपी की पतासाजी कर तत्काल गिरफ्तार करने दिशा निर्देश प्राप्त होने तथा तात्कालीन थाना प्रभारी बचेली निरीक्षक राकेश यादव के नेतृत्व में आरोपी के संबंध में तकनीकी शाखा दंतेवाड़ा के तकनीकी विश्लेषण कर बालिका की पतातलाश हेतु महिला पुलिस अधिकारी सउनि. ज्योति बंजारे, महिला प्रधान आरक्षक संतोषी ध्रुव, आरक्षक रामप्रसाद कश्यप, महिला आरक्षक जया पॉल के साथ टीम दिनांक 17.02.2024 को दीगर राज्य गुजरात रवाना होकर आरोपी दलसिंह राजपूत के कब्जे से दिनांक 19.02.2024 को खानपुर तालुकापुर बोरसद जिला आनंद (गुजरात) में अपहृता नाबालिक बालिका को बरामद किया गया तथा पीड़िता से पूछताछ कर पीड़िता के कथनानुसार प्रकरण में धारा-366, 376(2)(ढ) भादवि, 4, 6 पाक्सो एक्ट जोड़ी गई। आरोपी का कृत्य अपराध धारा का पाये जाने से दिनांक 19.02.2024 को खानपुर तालुकापुर बोरसद जिला आनंद (गुजरात) से गिरफतार जेल भेजा गया था। जो माननीय अपर सत्र न्यायालय (एफ.टी.सी.) दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के द्वारा अभियुक्त आरोपी दलसिंह राजपूत ऊर्फ ढालसिंग पिता सक्रिया उम्र 28 वर्ष निवासी बिमफलिया पोष्ट-थाना पिरोल जिला झाबुआ (मध्यप्रदेश) को नाबालिक बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं दो हजार रूपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।