*जिला पंचायत सीईओ ने माह की 7 तारीख को किया आवास दिवस व रोजगार दिवस घोषित*

*जिला पंचायत सीईओ ने माह की 7 तारीख को किया आवास दिवस व रोजगार दिवस घोषित*

*प्रतिमाह कि 7 तारीख को होगा आवास दिवस*

मोहला

जिले में आवास दिवस", एवं रोजगार दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर ग्राम पंचायत र्मारी ब्लाक मोहला में रोजगार दिवस के अवसर पर नम्रता सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत, भारती चंद्राकर सी.ई.ओ. जिला पंचायत, गैन्दकुंवर ठाकुर अध्यक्ष जनपद पंचायत मोहला की उपस्थित में आवास दिवस और रोजगार दिवस का आयोजन किया गया है। ग्राम पंचायत में ग्रामीणों से चर्चा किया गया।

 भारती चंद्राकर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अं. चौकी द्वारा बताया गया कि आवास दिवस का आयोजन जनजागरूकता, समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से किया जा रहा है। PMAY-G) के हितग्राहियों को 90 दिवस की अकुशल श्रमिक मजदूरी का लाभ देते हुए आवास निर्माण कार्य पूर्ण कराने, निर्माण सामग्री से संबंधित समस्याओं के समाधान, सामग्री बैंक की स्थापना तथा हितग्राहियों के आवास कार्यों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के टोल फ्री नंबर 1800-233-1290 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार एवं आवास लाभार्थियों का वाचन, गृह प्रवेश, आवास पूर्ण हितग्राहियों का सम्मान एवं प्रमाण पत्र, किश्त हस्तांतरण की जानकारी, मनरेगा मजदूरी 90 दिवस की राशि की जानकारी, पंचायत पदाधिकारियों को अन्य विभागों से अभिसरण के बारे में जानकारी एवं दिशा-निर्देशों पर चर्चा किया गया।

सीईओ द्वारा जिला पंचायत बताया कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना "विकसित भारत रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन) ग्रामीण-VB-G राम जी (" को ग्रामीणों द्वारा सराहा गया। बताया गया कि यह योजना मनरेगा का आधुनिक एवं उन्नत रूप है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ बनाना है। योजना के अंतर्गत रोजगार दिवस 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिए गए हैं तथा मजदूरों को एक सप्ताह के भीतर समय पर भुगतान का प्रावधान किया गया है। कार्य की मांग करने पर यदि कार्य उपलब्ध न हो तो भत्ते की व्यवस्था ग्रामीणों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में लागू की गई है।

रोजगार दिवस के अवसर पर डबरी निर्माण, तालाब सुदृढीकरण, जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन कार्यों पर चर्चा की गई। योजना के अंतर्गत धान की फसल (पीक सीजन) के दौरान 60 दिनों तक सरकारी कार्य स्थगित रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि कार्यों के समय मजदूरों की कमी नहीं होगी और खेती-किसानी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में ही रोजगार, समय पर मजदूरी और मूलभूत सुविधाएं मिलने से पलायन में कमी आएगी तथा योजना किसान और मजदूर दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।