*जिला मुख्यालय मोहला में दीपावली पर्व पर, गौरी गौरा कार्यक्रम रहा विशेष*

*जिला मुख्यालय मोहला में दीपावली पर्व पर, गौरी गौरा कार्यक्रम रहा विशेष*

*आदिवासी वनांचल क्षेत्र मैं पारंपरिक रूप से मनाया गया गौरी गौरा त्यौहार*

मोहला//08 नवंबर 2026//

जिला मुख्यालय मोहला समेत आसपास के वनांचल क्षेत्र में भिन्न-भिन्न रूप से उत्सव मनाने की जानकारी प्राप्त हो रही है। जिसमें कहीं पर भगवान की पूजा अर्चना विशेष, कहीं क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम, कहीं धार्मिक कार्यक्रम , युवाओं में अलग ही प्रकार की दिपावली देखने को प्राप्त होती है।

सबसे पहले बात करते हैं यूवाओ की 

क्षेत्र में युवा नए अच्छे कपड़े पहन कर जश्न मनाते हुए देखे गए। दीपावली पर्व पर पारंपरिक रूप से पूजा अर्चना करने के उपरांत एक दूसरे के घर मिठाई एवं प्रसादी का वितरण के उपरांत आतिशबाजियों का आनंद लेते हुए।

वहीं दूसरी ओर परंपरा और आस्था के बीच क्षेत्र में गौरी गौरा पर वह भी मनाया गया है यह पर्व अमावस्या की रात पूर्ण रूप से श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, जिसमें भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजा अर्चना विधिविधान के साथ अलग-अलग क्षेत्रों मे अलग-अलग प्रकार से की जाती आ रही है। पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाले इस कार्यक्रम को आज भी लोग बड़े धूमधाम के साथ मनाते हुए देखे जा सकते हैं। जिसमें सभी वर्ग के लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ पारंपरिक गीत एवं देव अनुष्ठान के साथ यह क्रिया की जाती है। जिसमें नन्ही बालिकाओं के द्वारा सर पर रखने वाले कलश को विभिन्न आकर्षक रंगों से रंगा जाता है। जिसमें क्षेत्र की संस्कृति झलक भी दिखाई देती है। एक तरह से क्षेत्र के लोग धान के नए उपज के लिए भगवान का धन्यवाद ज्ञापन करते हैं। और सर पर कलस के साथ धान की बालियां एवं दीप प्रचलित कर नगर भ्रमण करने के उपरांत सुनिश्चित स्थान पर पहुंचकर रात भर इस कार्यक्रम का आनंद लिया जाता है।

यह कार्यक्रम कोई आधुनिक कार्यक्रम नहीं है। सदियों से चली आ रही परंपरा और विश्वास का अनोखा मेल-जोल है। जिसमें क्षेत्र के आदिवासी समुदाय के लोगों कि अहम भूमिका मानी जाती है। जिसमें छोटे-छोटे बच्चे भी कलश अनाज व दीपक लेकर नगर भ्रमण कर गौरा गौरी त्यौहार का उत्सव मनाते हुए देखे जा सकते हैं।