आदित्य को हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके कार्य के लिए 'मार्तंण्ड गौरव सम्मान' से सम्मानित

Prem barle

आदित्य को हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके कार्य के लिए 'मार्तंण्ड गौरव सम्मान' से सम्मानित

आदित्य को हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके कार्य के लिए 'मार्तंण्ड गौरव सम्मान' से सम्मानित

पत्रकारिता और मानसिक स्वास्थ्य पर मंथन, पत्रकारों का हुआ सम्मान

रायपुर में पत्रकारों का सम्मान और संवाद: मानसिक स्वास्थ्य बना चर्चा का केंद्र

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर रायपुर स्थित  गणेश विनायक आई हॉस्पिटल में "मार्तण्ड गौरव सम्मान एवं पत्रकार संवाद" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य, विलुप्त हो रही वन औषधियां, आजीविका, छत्तीसगढ़ की जनजाति, महिलाओं के संदर्भ में शोर्ध राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान पुणे आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने गांधी फिलासफी की उपाधि प्रदान की है। गौरतलब है कि आदित्य ने बैंक में रहकर भी 1000 महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले आदित्य कुमार को "मार्तण्ड गौरव सम्मान" से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य विषय "पत्रकारिता और मानसिक स्वास्थ्य" रहा। इस अवसर पर आयोजित विशेष व्याख्यान एवं विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में 24×7 न्यूज़ कल्चर, ब्रेकिंग न्यूज़ की प्रतिस्पर्धा, सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव और लगातार बढ़ते कार्य-दबाव ने पत्रकारों के मानसिक स्वास्थ्य को एक महत्वपूर्ण विषय बना दिया है।

विशेष वक्ता पॉजिटिव हेल्थ ज़ोन के डॉ. अनिल गुप्ता ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और वैदिक विज्ञान के समन्वय (इंटीग्रेशन) की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य में लाइफ फोर्स एनर्जी की भूमिका को विस्तार से समझाया तथा जागरूकता के लिए कुछ अनूठे व्यावहारिक प्रयोगों का प्रदर्शन भी किया, जिन्हें उपस्थित पत्रकारों ने रुचिपूर्वक देखा।

वरिष्ठ पत्रकारों, मीडिया विशेषज्ञों तथा मनोविज्ञान के जानकारों ने पत्रकारों के सामने आने वाले तनाव, भावनात्मक दबाव, कार्य-जीवन संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। प्रतिभागियों ने पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और बदलते मीडिया परिदृश्य पर भी सार्थक चर्चा की।

कार्यक्रम का आयोजन इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन (आईएनओ) एवं पॉजिटिव हेल्थ ज़ोन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक चिंतक डॉ. नरेन्द्र पाण्डेय ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि "जिस प्रकार समाज हित में सूचना का अधिकार आवश्यक है, उसी प्रकार पत्रकारों के लिए मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। स्वस्थ मन और संतुलित सोच ही निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता की आधारशिला है।"

कार्यक्रम के दौरान पत्रकार संवाद, अनुभव साझाकरण तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पत्रकारों एवं मीडिया जगत से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ पत्रकार ही समाज को स्वस्थ, संतुलित और विश्वसनीय सूचना उपलब्ध करा सकता है।

आयोजन समिति की ओर से डॉ. सी.एल. सोनवानी (अध्यक्ष, आईएनओ) एवं डॉ. नरेन्द्र पाण्डेय ने कार्यक्रम में शामिल सभी पत्रकारों, अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने का यह अवसर पत्रकारिता के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर गंभीर चिंतन का महत्वपूर्ण मंच बना।