*आइटीबीपी 27वीं बटालियन के सहयोग से युवाओं को मिला विशाखापट्टनम शैक्षणिक भ्रमण का अवसर*
आईटीबीपी ने स्थानीय युवाओं के दल को हरी झंडी दिखाकर विशाखापटनम के लिए रवाना किया।
मोहला//मानपुर
27वीं बटालियन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अपने अभियान क्षेत्र के सुदूर गाँवों से 40 युवाओं को दिनांक- 29.12.2025 को एक शैक्षिक भ्रमण हेतु विशाखापटनम के लिए रवाना किया। इस दल में 20 युवक और 20 युवतियाँ शामिल हैं। वर्ष 2022-23 से अभी तक 14वें, 15वें एवं 16वें आदिवासी युवा विनिमय कार्यक्रम सह शैक्षिक एवं जागरुकता भ्रमण कार्यक्रम के तहत 27वीं वाहिनी के द्वारा 155 बालक एवं 156 बालिकाओं कुल-311 युवाओं को देश के विभिन्न र्तीथ स्थलों, औद्योगिक नगरों एवं महानगरों का सफलता पूर्वक शैक्षणिक भ्रमण सम्पन्न करवाया गया।
17वें आदिवासी युवा विनिमय कार्यक्रम सह शैक्षिक एवं जागरुकता भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय मुख्यालय आईटीबीपी राजनांदगाँव के सहयोग से एवं नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) राजनांदगाँव के तत्वावधान में विशाखापटनम हेतु किया जा रहा है। कार्यक्रम के छठे चरण में 40 युवाओं को वाहिनी द्वारा दिनाँक-30.12.25 से 05-01.26 तक 07 दिनों के भ्रमण हेतु विशाखापटनम भेजा जा रहा है, जो 06 जनवरी को वापस मानपुर लौटेगा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी युवा इस भ्रमण के लिए काफी उत्साहित दिखे।

मानपुर में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में शरत कुमार त्रिपाठी, सेकेण्ड-इन-कमाण्ड, ने कहा कि इस विशिष्ट कार्यक्रम का उद्देश्य चयनित राज्यों और जिलों के आदिवासी युवाओं को विभिन्न स्थानों पर जाकर वहां के लोगों की सांस्कृतिक लोकाचार, भाषा और जीवन शैली को समझने का अवसर प्रदान करना है, जो हमारे राष्ट्रीय जीवन की विविधता में एकता को दर्शाता है। इसका उद्देश्य युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों में हुई तकनीकी और औद्योगिक प्रगति से अवगत कराना भी है। कार्यक्रम का लक्ष्य शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के बारे में जागरूकता पैदा करना है। आदिवासी युवाओं को उनकी समृद्ध पारंपरिक और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूक करना और उन्हें भावी पीढ़ी के लिए इसे संरक्षित करने में सक्षम बनाना, आदिवासी युवाओं को देश के अन्य हिस्सों में अपने सहकर्मी समूहों के साथ भावनात्मक संबंध विकसित करने और उनके आत्मसम्मान को बढ़ाने में मदद करना भी इसका ध्येय है।