अनावश्यक घर से बाहर घूमने वाले लोगों पर पुलिस की नजर है। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

अनावश्यक घर से बाहर घूमने वाले लोगों पर पुलिस की नजर है। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
अनावश्यक घर से बाहर घूमने वाले लोगों पर पुलिस की नजर है। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

अनावश्यक घर से बाहर घूमने वाले लोगों पर पुलिस की नजर है। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

बालोद-लाकडाउन पर प्रशासन सख्त है। बेवजह घूमने वालों पर सख्ती की जा रही है। लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए 10 अप्रैल शाम छह बजे से 19 अप्रैल की सुबह छह बजे तक संपूर्ण जिले में लाकडाउन लागू है। वही लगातार जिला प्रशासन द्वारा नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र की जनता से लाकडाउन के नियमों का पालन करने लोगों से अपील की जा रही हैं। जिसके परिणाम स्वरूप शुक्रवार को नगर सहित क्षेत्र के सभी दुकानें, निजी व शासकीय कार्यालय, किराना दुकानें बंद रहीं और चारों तरफ सन्नााटा पसरा रहा। पुलिस के जवान भी गश्त करते रहे। अनुविभागीय अधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लाकडाउन का निर्णय लिया गया है, जिसका लोग पालन करें। केवल अति आवश्यक कार्य आने पर ही बाहर निकलने की अनुमति दी जाएगी, बेवजह सड़कों पर घूमने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी जीएस ठाकुर ने कहा कि अनावश्यक घर से बाहर घूमने वाले लोगों पर पुलिस की नजर है। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संक्रमण के लिए खतरा बन रहे हैं असामाजिक तत्व

गली-मोहल्लों में ग्रुप में बेखौफ घूम रहे युवा, स्थानीय लोगों के समझाने के बाद भी सुन नही रहे है। पुलिस भी मुख्य सड़कों पर दिख रही है जबकि भीतरी मोहल्लों में सक्रिय नहीं है। इससे कई गली-मोहल्लों में असामाजिक तत्व लाकडाउन के नियमों की अनदेखी कर समूह में जुटकर न केवल अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि संक्रमण रोकने को सरकार के प्रयासों पर भी पानी फेर रहे हैं। स्थानीय लोगों के समझाने के बाद भी इन पर कोई असर नहीं पड़ रहा।

ईंट-भट्ठों पर आदेशों की अवहेलना

कोरोना वायरस पर नियंत्रण पाने के लिए जहां एक ओर पूरे जिले में लाकडाउन है और जनता घरों के अंदर बंद है। वहीं दूसरी ओर जिले के अधिकांश ईंट-भट्ठों पर आदेशों की अवहेलना कर श्रमिकों से ईंट बनवाई जा रही है। श्रमिकों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा उनसे जबरदस्ती कार्य कराया जा रहा है, जबकि बीमारी का डर तो उन्हें भी है। जिला मुख्यालय के अधिकांश ईंट-भट्ठों पर लाकडाउन के बाद भी श्रमिकों से ईंटें बनवाई जा रही है। इसके अलावा ये श्रमिक झुंड के रूप में रहते हैं, जिससे बीमारी फैलने का डर अधिक बना रहता है। हालांकि इन क्षेत्रों में पुलिस की ओर से भी गश्त की जा रही। कई गांवों में बाहरियों के आने पर प्रतिबंध

बालोद ब्लाक के ग्राम पंचायत पोंडी के आश्रित ग्राम खेरवही में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के सहयोग से बैरिकेड्स लगाकर बाहरी व्यक्ति यों के गांव में प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

रिपोर्ट-अरुण उपाध्याय

मो-9425572460