गोधन न्याय योजना के माध्यम से अवारी वासियों के लिए मिला रोजगार के बेहतर अवसर वर्मी कम्पोस्ट निर्माण से गोठान समिति को 68 हजार 573 रुपये एवं महिला स्वसहायता समूह को हुआ 03 लाख 86 हजार 612 रुपये का लाभ गांव के आर्थिक सशक्तिकरण एवं समृद्धि का बना आधार

गोधन न्याय योजना के माध्यम से अवारी वासियों के लिए मिला रोजगार के बेहतर अवसर वर्मी कम्पोस्ट निर्माण से गोठान समिति को 68 हजार 573 रुपये एवं महिला स्वसहायता समूह को हुआ 03 लाख 86 हजार 612 रुपये का लाभ गांव के आर्थिक सशक्तिकरण एवं समृद्धि का बना आधार
गोधन न्याय योजना के माध्यम से अवारी वासियों के लिए मिला रोजगार के बेहतर अवसर वर्मी कम्पोस्ट निर्माण से गोठान समिति को 68 हजार 573 रुपये एवं महिला स्वसहायता समूह को हुआ 03 लाख 86 हजार 612 रुपये का लाभ गांव के आर्थिक सशक्तिकरण एवं समृद्धि का बना आधार

 

गोधन न्याय योजना के माध्यम से अवारी वासियों के लिए मिला रोजगार के बेहतर अवसर

वर्मी कम्पोस्ट निर्माण से गोठान समिति को 68 हजार 573 रुपये एवं महिला स्वसहायता समूह को हुआ 03 लाख 86 हजार 612 रुपये का लाभ

गांव के आर्थिक सशक्तिकरण एवं समृद्धि का बना आधार

 बालोद, :- राज्य शासन की गोधन न्याय योजना कई दृष्टि से उपयोगी साबित होकर ग्रामीणों एवं पशुपालन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए कामधेनू साबित हो रहा है। यह योजना ग्रामीणों को गोबर की उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ इसके माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण तथा इसकी बिक्री आदि से रोजगार की सृजन होने से ग्रामीणों के लिए रोजगार की वृहद अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इस योजना के फलस्वरूप जिले के डौण्डी विकासखण्ड के अवारी गोठान में गोबर खरीदी के कार्य की बेहतर क्रियान्वयन होने से इस योजना से अवारी में रोजगार के सुगम एवं बेहतर द्वार खुल गए हैं। गोधन न्याय योजना के कारण ग्राम अवारी में खुले रोजगार की बेहतर अवसर के संबंध में जानकारी देते हुए गोठान प्रबंधन समिति अवारी के अध्यक्ष श्री हीरामन ठाकुर ने बताया कि हमारा गांव मूलतः कृषि प्रधान गांव है। ग्रामवासी अपने पैतृक जमीन में खेती किसानी के अलावा मेहनत मजदूरी कर जीविकोपार्जन करते हैं। गोधन न्याय योजना के शुरू होने के पूर्व गांव में रोजगार के उचित साधन के अभाव मंे हमारे गांव के युवाओं को मजदूरी हेतु आसपास के अन्य गांवों में जाना पड़ता था। लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा राज्य में गोधन न्याय योजना प्रारंभ करने के तुरंत पश्चात् हमारे ग्रामवासियों ने गोबर इकट्ठा कर गोठान में इसकी बिक्री शुरू कर दी थी। जिससे समय पर पशुपालकों और कृषकों को गोबर बिक्री की राशि मिलने से अच्छी खासी आमदनी हो रही है और हम ग्रामीणों के आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है। इसके अलावा इस योजना के शुरू होने के बाद गांव के युवकों को रोजगार की तलाश में गांव से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। प्रतिदिन गोबर इकट्ठा कर बेचने के अलावा स्वसहायता समूह की महिलाओं को वर्मी कम्पोेस्ट के निर्माण कार्य में भी अच्छी खासी आमदनी हो रही है। श्री हीरामन ठाकुर ने बताया कि ग्राम अवारी के गोठान समिति के वर्मी कम्पोस्ट निर्माण से 68 हजार 573 रुपये एवं महिला स्वसहायता समूह को 03 लाख 86 हजार 612 रुपये की आमदनी हुई है। इस तरह से राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीणों एवं पशुपालकों के लिए बहु उपयोगी साबित होकर स्वरोजगार के स्थायी द्वार खोल दिया है। यह योजना वास्तव में ग्रामीणों को मुश्किल वक्त में आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें संबल प्रदान करने का कार्य कर रहा है। गोठान प्रंबधन समिति के अध्यक्ष श्री हीरामन ठाकुर ने कहा कि गोधन न्याय योजना से हम ग्रामीणों को रोजगार के कारगार साधन प्राप्त होने के साथ ही हमारे आर्थिक समृद्धि का भी आधार बन गया है। श्री ठाकुर ने राज्य सरकार की इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा गोधन न्याय योजना लागू कर हम किसानों एवं पशुपालकों के मेहनत को उचित सम्मान करने का कार्य किया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार माना हैै।

रिपोर्ट खास :- अरुण उपाध्याय बालोद मो नम्बर :- 94255 72406