*सौर ऊर्जा से रोशन हुए मानपुर ब्लॉक के पांच विद्यालय*

*सौर ऊर्जा से रोशन हुए मानपुर ब्लॉक के पांच विद्यालय*

*शासन की दूरदर्शी नीति से वनांचल में शिक्षा को मिली नई रोशनी*

*सौर ऊर्जा से रोशन हुआ बच्चों का भविष्य, वनांचल के स्कूलों में शिक्षा को मिली नई दिशा*

         मोहला 

वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए शासन द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयास अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। दुर्गम और दूरस्थ अंचलों में मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है, किंतु संवेदनशील शासन, दूरदर्शी नीतियों और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से यह असंभव कार्य भी संभव हो रहा है। 
        इसका जीवंत उदाहरण है जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के वनांचल क्षेत्र में सौर ऊर्जा से जगमगाते शासकीय विद्यालय सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा शिक्षा विभाग को सीधे अनुदान राशि उपलब्ध कराई गई, जिससे जिले के चार ऐसे शासकीय स्कूलों को चिन्हित किया गया, जहाँ आज तक बिजली की सुविधा नहीं पहुंच पाई थी। इन विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को वर्षों से अंधेरे कमरों में, सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती थी। बरसात और सर्दियों के मौसम में तो स्थिति और भी कठिन हो जाती थी।
       विकासखंड मानपुर के चार विद्यालयों शासकीय माध्यमिक शाला, गट्टेपायली, शासकीय प्राथमिक शाला संबलपुर कोराचा,  शासकीय प्राथमिक शाला बोदरा, शासकीय प्राथमिक शाला, गट्टेगहन में यह पहल साकार हुई है।  शिक्षा विभाग एवं क्रेडा छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के समन्वय से इन सभी विद्यालयों में 1.2 किलोवॉट क्षमता के ऑफ-ग्रिड सोलर पावर प्लांट की स्थापना की गई। सौर ऊर्जा संयंत्रों के स्थापित होते ही वर्षों से अंधेरे में डूबे ये विद्यालय रोशनी से भर उठे।
        आज इन स्कूलों में नियमित रूप से कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पंखों की सुविधा एवं अन्य आवश्यक विद्युत संसाधनों से बच्चों को एक बेहतर, सुरक्षित और प्रेरक शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हुआ है। शिक्षकों के लिए भी अब अध्यापन कार्य अधिक प्रभावी हो गया है। सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला, जब पहली बार बच्चों ने अपने स्कूल में उजाला देखा। मासूम चेहरों पर आई मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि शासन की यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि इन बच्चों के सपनों को पंख देने का माध्यम है। अब ये बच्चे भी आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई कर रहे हैं और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैंl