*दोरबा पंचायत में जिला पंचायत CEO ने वनोंपज से महलाओ आर्थिक रूप से मजबूती हेतु किया प्रेरित*

*दोरबा पंचायत में जिला पंचायत CEO ने वनोंपज से महलाओ आर्थिक रूप से मजबूती हेतु किया प्रेरित*

*दोरबा पंचायत में महिलाओं को सशक्त एवं मजबूत बनाने की दिशा में जिला पंचायत सीईओ*

जिला पंचायत सीईओ रही मानपुर ब्लॉक के दौरे पर

मोहला

 

 जिला मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी के अंतर्गत आने वाले मानपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत दोरबा में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण देखी जा सकती है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने व महिलाओं को आजीविकाओं कि गतिविधियों से जोड़ते हुए जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्रकर ने आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने हेतु महिला समूह एवं ग्रामीणों को जागरुक करते हुए देखी जा सकती हैं। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में महिलाओं को जागरूक करने एवं परिवार की आय मैं सहभागिता निभाना विशेष रूप से जानकारी देते हुए देखी गई है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में समूह के आय के साधन के रूप में वनों से प्राप्त होने वाले भिन्न-भिन्न वन उपज की भी जानकारी से समूह के आय के स्रोत की जानकारी दी और समूहों को वनोपज संग्रहण के लिए प्रेरित किया। समूह की समस्त जानकारी में पारदर्शिता हेतु संधारण एवं विपणन से जोड़कर उनकी आय वृद्धि हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है।

*दोरबा में रहा 8 पंचायत का विशेष समागम*

 कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भारती चंद्राकर द्वारा दिनांक 13 फरवरी 2026 को विकासखंड मानपुर के खड़गांव संकुल अंतर्गत भ्रमण किया गया। ग्राम पंचायत दोरबा में IWMP योजना अंतर्गत आयोजित बैठक में 08 ग्राम संगठनों के अध्यक्ष, सचिव एवं स्व-सहायता समूह की लगभग 77 महिलाओं से संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं बाजार में विपणन से संबंधित आजीविका गतिविधियों हेतु प्रेरित किया।

भ्रमण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा मनरेगा योजना अंतर्गत ग्राम बोरिया में संचालित ठेकेदारी आजीविका डबरी का निरीक्षण कर कार्य की समीक्षा की गई तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा महिलाओं को शासन की योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के समावेशी विकास को गति मिल रही है।