*जिले में शिक्षा विभाग सेवा संकल्प योजना के नाम पर कर रहा आडंबर*
*जिले में सेवा संकल्प अभियान माह पर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल*
*पुस्तकें अब तक वितरित नहीं हुईं तो जवाबदेही किसकी?*
*मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर जवाबदेही किसकी!*
*शिक्षा विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान में योजना कब के लिए 2026-27 या 2047*
मोहला
जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी में हिंदी मध्यम एवं अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों के बीच अभी तक कई कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के बीच पुस्तक का अभाव देखा जा सकता है। विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की बुनियादी जिम्मेदारियों में शामिल है। यदि जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी के किसी विद्यालय में अब तक पुस्तकें वितरित नहीं हुई हैं, तो विभाग को स्कूलवार स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 85% छात्र-छात्राओं को पुस्तक का वितरण किया गया है जिसमें प्राथमिक शाला माध्यमिक शाला एवं हाई स्कूल के छात्र-छात्राएं सम्मिलित हैं हाल ही में शिक्षा मंत्री के दौरे के दौरान भी कुछ छात्र-छात्राओं को पुस्तक का वितरण किया गया है बता दें कि त्रैमासिक परीक्षा समाप्त हो चुकी है और शिक्षा विभाग अर्धवार्षिक परीक्षा लेने के लिए तैयारी पर जुटा हुआ है जिसके बाद भी आज की स्थिति में छात्रों समेत शिक्षकों के पास नहीं पुस्तकों का अभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
कितने विद्यार्थियों को पुस्तकें मिल चुकी हैं, कितने विद्यार्थी अब भी वंचित हैं और वितरण में देरी के क्या कारण हैं—इन सवालों के स्पष्ट जवाब सामने आने चाहिए। शैक्षणिक सत्र में देरी से मिलने वाली पुस्तकों का असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।
*विकासखंड शिक्षा अधिकारियों ने दी जानकारी*
सर्वप्रथम ब्लॉक स्तर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से इस बात का जवाब जानने का प्रयास किया गया ।जवाब में बताया गया कि कुछ प्रतिशत जिसमें मुख्ता इग्नाइट स्वामी आत्मानंद एवं पीएम श्री समेत हिंदी माध्यम के विद्यार्थी सम्मिलित हैं। इन विद्यार्थियों को अभी तक पुस्तक नहीं मिली है जिसके लिए पूर्व में मांग पत्र भेजा गया था जिसे भी अभी दो माह पूर्ण हो गए हैं , साथ ही साथ ब्लॉक स्तर पर एवं जिला स्तर पर भी पुस्तकों का आदान प्रदान कर विभागीय रूप से व्यवस्था करने का प्रयास किया गया लेकिन प्रयास पूर्ण रूप से सार्थक ना होकर ,अभी तक कोई स्पष्ट जवाब शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा नहीं दिया गया है।
*जिले की गरिमा और बच्चों के भविष्य का सवाल*
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला अपनी अलग पहचान रखता है। लेकिन शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हुआ, तो इसका असर जिले की छवि और विद्यार्थियों के भविष्य दोनों पर पड़ सकता है।
अब जरूरत है कि जिला प्रशासन केवल समीक्षा बैठकों तक सीमित न रहे, बल्कि स्कूलों का वास्तविक निरीक्षण करे। जर्जर भवनों, पुस्तक वितरण, शिक्षकों की उपलब्धता और विभागीय कार्यप्रणाली पर समयबद्ध कार्रवाई हो।
जिला प्रशासन से प्रमुख सवाल:
जिले के सभी विद्यालयों की भवन संबंधी समस्याओं की स्थिति क्या है?
सभी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें वितरित हुई हैं या नहीं?
क्या शिक्षकों के भी पास नई पुस्तक के उपलब्ध है?
क्या शिक्षक भी नई पुस्तक से बच्चों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं?
पूर्व एवं वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए?
शिक्षा विभाग की समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदारी और समयसीमा कौन तय करेगा?
अब जिले की जनता को आश्वासन नहीं, जमीनी स्तर पर सुधार चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय हो, खर्च का हिसाब सार्वजनिक हो और बच्चों को सुरक्षित भवन, समय पर पुस्तकें तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही जिले की गरिमा और भविष्य की असली कसौटी है।